युवा पीढ़ी जिस उन्माद और उद्दंडी मानसिकता की शिकार हो रही है, अतीव विचारणीय स्थिति है- आभासी दुनिया (सोशल मिडिया ) से बाहर निकल कर दादा, डॉन, हीरो, की फ़ितरत से हटकर हम लोग गुणवता पूर्ण शिक्षा और नैतिक आचरण की श्रेष्ठता से भी आगे बढ़ सकते है।
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ऐसे लोगों का जीवन भले ही आकर्षक व चमक दमक को लिए यश आराम में गुजरता प्रतीत हो लेकिन वास्तविकता में वो सब आभासी व अल्पकालिक सुख होता है।
देवा गुर्जर कोटा की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है।
बहुत बुरा हुआ, अतीव दुःखद घटना है।😭😭
इस दर्दनाक अमानवीय घटना को जिसने भी कारित किया है, उसे सख्त से सख्त सजा हो।
वो चाहे किसी भी जाति या धर्म का क्यो न हो, अपराधी कभी किसी जाति के गौरव नही हो सकते वो अपने आप मे कलंक ही होते हैं। अतः ऐसे लोगों का समाज भी खुला बहिष्कार करे ताकि इस कलंकित परम्परा पर कुछ हद तक विराम लगे।
इसके साथ यह भी विचारणीय विषय है कि हमारे युवा डॉन क्यों बनना चाहते है ? बनना है तो ओर भी कई प्रभावशाली स्टेट्स व प्रोफेशन है जिसमे रुतबा भी है और रॉब भी यथा- एस.पी., कलेक्टर, व्यापारी, उच्च अधिकारी व अन्य कर्मचारी आदि-आदि।
पर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमारे युवाओं के आईडल पपला व अन्य अपराध जगत के कुख्यात नाम बनते जा रहे हैं ।
आजकल तो डीजे पर गाने भी यही चलते है- *दूधयो तूने गुर्जरी को पियो गोली चाले बहरोड़ के थाने में* इसका मतलब यह कौम अपराध की दुनियां को अपना फ़ैशन बना रही है, हमारे बच्चों को इस जहरीली विचारधारा के शिकंजे में फंसने से बचाने के लिए समाज के बुद्धिजीवी लोग आगे आए, अपने युवाओं को पाखंड मुक्त समाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तरफ ले जाने का प्रयास करें।
युवाओं द्वारा आत्मघाती ट्रेंड को अपनाया जा रहा है और इससे भी ज्यादा दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण बात यह कि समाज भी इसे अपनी मौन स्वीकृति दे बैठा है, जिसका अंतिम परिणाम पतन और बर्बादी के सिवा कुछ नही होगा।
अतः युवा विचार करे कि आज के दौर में लाठी और बंदूक से ज्यादा ताकत कलम और सकूँन की कमाई हैं साथियों ! हमारे आदर्श बैंसला साहब जैसे लोग हो ताकि सही मायनों में हम लोग एक सम्मानजनक जीवनशैली के साथ स्थायी व टिकाऊ उन्नति को प्राप्त हो सके।
वैसे यह शख्स शायद कोई डॉन नही था बल्कि डॉन का *अभिनय करता था यूट्यूब वीडियो* के लिये।
छोटी मोटी रंजिसे रही होगी किसी से फिर भी लोग मारने तक उतारू हो गए तो स्थियी बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है।
यहाँ पुलिस प्रशासन पर भी एक प्रश्न चिह्न है कि देवा गुर्जर ने जान से मारने की धमकी और 10 लाख की फिरौती मांगने के फोन आने पर पुलिस में रिपोर्ट भी लिखवाई थी, काल रेकॉर्ड भी दीए थे, फिर भी पुलिस प्रशासन ने कोई संज्ञान नही लिया और देखते ही देखते उक्त व्यक्ति की हत्या हो गयी! 😭😭
👉🏻.... भींवराज गुर्जर.........✍️
शानदार
जवाब देंहटाएंशत् शत् नमन
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जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा समाज युवाओं के लिए आपका मत