सोमवार, 11 सितंबर 2023

घर वाले तुम्हें डॉन नही थानेदार एस.पी., कलेक्टर, व्यापारी कर्मचारी व अधिकारी देखना चाहते है।

युवा पीढ़ी जिस  उन्माद और उद्दंडी मानसिकता की शिकार हो रही है, अतीव  विचारणीय स्थिति है- आभासी दुनिया (सोशल मिडिया ) से बाहर निकल कर दादा, डॉन, हीरो, की फ़ितरत से हटकर हम लोग गुणवता पूर्ण शिक्षा और नैतिक आचरण की श्रेष्ठता से भी आगे बढ़ सकते है।
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ऐसे लोगों का जीवन भले ही आकर्षक व चमक दमक को लिए यश आराम में गुजरता प्रतीत हो लेकिन वास्तविकता में वो सब आभासी व अल्पकालिक सुख होता है।
देवा गुर्जर कोटा की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है।
बहुत बुरा हुआ, अतीव दुःखद घटना है।😭😭 
इस दर्दनाक अमानवीय घटना को जिसने भी कारित किया है, उसे सख्त से सख्त सजा हो।
वो चाहे किसी भी जाति या धर्म का क्यो न हो, अपराधी कभी किसी जाति के गौरव नही हो सकते वो अपने आप मे  कलंक ही होते हैं। अतः ऐसे लोगों का समाज भी  खुला बहिष्कार करे ताकि इस कलंकित परम्परा पर कुछ हद तक विराम लगे।
इसके साथ यह भी विचारणीय विषय है कि हमारे युवा डॉन  क्यों बनना चाहते है ? बनना है तो ओर भी कई प्रभावशाली स्टेट्स व प्रोफेशन है जिसमे रुतबा भी है और रॉब भी यथा- एस.पी., कलेक्टर, व्यापारी, उच्च अधिकारी व  अन्य कर्मचारी आदि-आदि। 
पर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमारे युवाओं के आईडल पपला व अन्य अपराध जगत के कुख्यात नाम बनते जा रहे हैं ।
आजकल तो डीजे पर गाने भी यही चलते है- *दूधयो तूने गुर्जरी को पियो गोली चाले बहरोड़ के थाने में* इसका मतलब यह कौम अपराध की दुनियां को अपना फ़ैशन बना रही है, हमारे बच्चों को इस जहरीली विचारधारा के शिकंजे में फंसने से बचाने के लिए समाज के बुद्धिजीवी लोग आगे आए, अपने युवाओं को पाखंड मुक्त समाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तरफ ले जाने का प्रयास करें। 
युवाओं द्वारा आत्मघाती  ट्रेंड को अपनाया जा रहा है  और इससे भी ज्यादा दुःखद व  दुर्भाग्यपूर्ण बात  यह कि समाज भी इसे अपनी मौन स्वीकृति दे बैठा है, जिसका अंतिम परिणाम पतन और बर्बादी के सिवा कुछ नही होगा।
अतः युवा विचार करे कि आज के दौर में लाठी और बंदूक से ज्यादा ताकत कलम और सकूँन की कमाई हैं साथियों ! हमारे आदर्श बैंसला साहब जैसे लोग हो ताकि सही मायनों में हम लोग एक सम्मानजनक जीवनशैली के साथ  स्थायी व टिकाऊ उन्नति को प्राप्त हो सके।
वैसे यह शख्स शायद कोई डॉन नही था बल्कि डॉन का *अभिनय करता था यूट्यूब वीडियो* के लिये।
छोटी मोटी रंजिसे रही होगी किसी से फिर भी लोग मारने तक उतारू हो गए तो स्थियी बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है।
यहाँ पुलिस प्रशासन पर भी एक प्रश्न चिह्न है कि देवा गुर्जर ने जान से मारने की धमकी और 10 लाख की फिरौती मांगने के फोन आने पर पुलिस में रिपोर्ट भी लिखवाई थी, काल रेकॉर्ड भी दीए थे, फिर भी पुलिस प्रशासन ने कोई संज्ञान नही लिया और देखते ही देखते उक्त व्यक्ति की हत्या हो गयी! 😭😭
👉🏻.... भींवराज गुर्जर.........✍️

गुरुवार, 31 अगस्त 2023

वहीद साहब की विदाई पर ...✍️

जीवंत, जिज्ञासु , जिंदादिल, इंसाफ पसन्द, सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्ध, हँसमुख, चुटीले हास्य-व्यंग्य से सराबोर।।
 रीत-प्रीत, नेह-निष्ठा, स्नेह-समर्पण को समेटे अद्भुत व्यवहार।।
 मधुर वाणी, मानव मन के मंजे हुए पारखी, पुरुषार्थ प्रिय, पुस्तक प्रेमी, कला, ज्ञान कौशल के कुशल कलाकार।
उमंग, ऊर्जा, उत्साह व ईमानदारी से सुसज्जित अनुशासन प्रिय किरदार।
 जैसे समन्वित गुणों की सांझी विरासत श्री अब्दुल वहीद खिलजी साहब ( प्रधानाचार्य महोदय-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय-मकराना) को दीर्घ कालीन गौरवमयी राजकीय सेवा पूर्ण कर अधिवार्षिकी आयु प्राप्त करने के उपलक्ष्य पर सेवानिवृत्त होने की बधाई व अनंत अशेष  मंगलकामनाएँ।
 ऐसे शिक्षाप्रद जीवनमूल्यों से ओत-प्रोत, सरल, स्नेही, समर्पित व्यक्तित्व का समन्वय लिए कोई विरले ही व्यक्ति होते है।
आपने सदा अपने ज्ञान अपेक्षित वर्ग  को गले लगाकर उनके सपनों की मंजिल को अपना कर्तव्यपथ बनाकर, पुर्ण ऊर्जा व मनोयोग के साथ शिक्षण रूपी स्नेह आशीष देते हुए उनके सपनों व इच्छाओं को पंख देकर नित नई ऊँचाईयां दी है।
जिसके लिए हम सब आपका हृदय से आभार व्यक्त करते है और परम् पिता परमात्मा से दुआ करते है कि आपके जीवन मे आने वाला प्रत्येक नया दिन वैभव, ऐश्वर्य, उन्नति, स्वास्थ्य, समृद्धि, प्रगति, प्रतिष्ठा, प्रसिद्धि व श्रीवृद्धि लेकर आये...✍️
आपके व्यक्तित्व के बारे में लिखने और बोलने को तो बहुत कुछ है पर मेरी कमजोर कलम व शिथिल वाणी इस विराट व्यक्तित्व के समक्ष बहुत बौनी नजर आती है।
आपका स्नेही- भींवराज गुर्जर[व्याख्याता] रा. उ. मा. वि. बेसरोली....✍️