कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार…......✍️
युगों युगों तक होती रहेंगी, हे युग पुरुष तेरी जय जय कार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
इतिहास की एक महान व मार्शल कोम, खुद को भूल चुकी थी,,।
भेड़ बकरियो के पीछे पीछे, पिछड़ेपन मे झूल चुकी थी।।
गरीबी और अशिक्षा ही, समाज की पहचान थी।
वीर जाति, अपने गौरवमय अतीत से अनजान थी।।
ग्वाले बन दर दर भटकते,छूट गये थे घर बार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
हर जाती सरकारी नौकर बनके बेठी थी।
गुर्जर जाति भेड़-बकरियों के रेवड मे ही लेटी थी।।
कच्चे मकान,भूखे नंगे बच्चे, दुर्गम गांवो मे बसेरा था।
जानवरो के साथ ही खाना-पीना और इनके संग ही डेरा था।।
गुर्जर बस्तियो से दूर थी, शिक्षा-शासन और सरकार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
समाज की देख दुर्दशा,,देवधणी का मन भर आया,,।
मुंण्डिया गांव मे,,एक अनमोल हीरे ने जब जन्म पाया।।
बच्चू सिंह के घर, किरोडी ने जन्म लिया।
सेना मे कर्नल बनकर, देश के दुश्मनो को परास्त किया।।
सन 1965 की जंग मे,,बॉर्डर जो कर गये थे पार।
अदम्य साहस वो साक्षात इंडियन रेम्बो का अवतार।
जिब्राल्टर की चट्टान थे यह जोशीले सरदार।।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
देश सेवा पूरी करके, सेना से कर्नल जब घर आये।
देख समाज की दुर्दशा, कर्नल मन मे पछताये।।
मेरा तो घर परिवार, बेटा- बेटी सब संपन्न है,,।
लेकिन यह समाज, आज भी क्यो विपन्न है,,।।
अगर समाज सुधार न कर सका, तो मुझे है धिक्कार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
समाज सुधार की सोच, कर्नल के मन एक विचार आया।
आरक्षण से वंचित रहकर, समाज आगे न बड़ पाया।।
अब चाहे कुछ भी हो, समाज को आरक्षण दिलाना है।
आरक्षण पाने को, किसी भी हद तक जाना है।।
सन 2006 मे हिंडोन से, कर्नल ने भरी हुँकार,,।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
धीरे धीरे आरक्षण आन्दोलन, सारे प्रदेश मे छाया।
बरसो से सोये लोगो को, आरक्षण का लाभ समझाया।।
कर्नल के नेतृत्व मे, समाज ने रणभेरी बजा दी।
हर गांव चौपाल पे, आन्दोलन की बिसात सजा दी।।
बोले आरक्षण लेकर रहेगे, यह है हमारा अधिकार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
पाटोली,पिलुपुरा,,बूंदी, सोहेला, सिकंदरा और ख्ंडार।
प्रदेश मे चारो और, आरक्षण आन्दोलन की चली बयार।।
आरक्षण के वेदी पर, 73 वीरो ने शीशदान किया।
तब जाकर सरकार ने, आरक्षण का वरदान दिया।।
73 वीर शहिदो के लहू का, समाज रहेगा सदा कर्जदार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
आज आरक्षण पाकर, युवा अरमानों को पंख लग गये।
कोई पटवारी,पुलिस तो, कोई मास्टर,RAS बन गये।।रेवड की जगह,अब कर्मचारियो के झुंड निकल रहे।
आरक्षित सीटों से ज्यादा जनरल रैंकों पर इस कोम के कार्मिक मिल रहे है, सच में कोम के किस्मत बदल रहे हैं।
लड़के लड़किया अनवरत, शिक्षा पथ पे आगे बढ रहे हैं।।
शिक्षा के क्षेत्र मे, आज नई क्रांति का हुआ संचार,।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
श्री देवनारायण योजना मे बेटियो को स्कूटी मिल रही,।
हर छात्र के खाते मे, mbc की छात्रवृत्ति डल रही,,।।
जन जन के मन मे, पढ्ने पढ़ाने का उत्साह आया है।
आरक्षण ने सबके मन मे,नौकरी पाने का सपना जो सजाया है।।
समाज की दशा बदल गई, बह रही देखो विकास की धार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।
धन्य हो कर्नल साहब, आपने किया सही मायनों समाज सुधार।
युगो युगो तक होती रहेगी, आपके नाम की जयकार।।
जाम्व्ंत की तरह, अपनी शक्ति भूले समाज को जगा दिया।
समाज से पिछड़ेपन व अशिक्षा का दानव जो भगा दिया।।
निश्चित ही कर्नल साहब आप हो, देव अवतार।
ऐसे कर्नल साहब को दुनिया नमन करे बारम्बार।।👏👏
👉 भींवराज गुर्जर.......✍️
🙏🏼🙏🏼
जवाब देंहटाएं👏👏
हटाएंशत शत नमन
जवाब देंहटाएंनमन
हटाएंशत शत नमन
जवाब देंहटाएंनमन
हटाएंशत् शत् नमन 😭
जवाब देंहटाएंनमन
हटाएंShat shat Naman
जवाब देंहटाएंनमन
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